नागदा स्थित फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी पीने को मजबूर ग्राम वासी, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान. ग्राम वासियों ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन


इस समस्या को लेकर नागदा के आसपास के क्षेत्र के कई गांव के लोग कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे ।ग्राम वासियों का कहना है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त गंदा पानी चंबल नदी में मिलता है नदी के ही पानी को ग्रामवासी पीने के उपयोग में लेते हैं ।जिसके कारण कई गंभीर बीमारियां फैल रही है ,
इसको लेकर पूर्व में आवेदन के माध्यम से शिकायत की गई थी तथा ज्ञापन भी दिया गया था किंतु अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी ।ग्राम वासियों ने कहा कि पूर्व में जब आंदोलन किया गया था, तब उन पर लाठियां बरसाई गई और उन्हें जेल में डाल दिया गया था। अब यदि 15 दिवस के अंदर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामवासी पुनः आंदोलन के लिए बाध्य रहेंगे।


Popular posts
मध्य प्रदेश विपणन संघ और परिवहन एजेंसी की लापरवाही उजागर
Image
नए अध्ययन में सामने आया कि भारत में हर 10 में से 9 ग्राहक सुरक्षा रेटिंग वाली कार खरीदना चाहते हैं इस सर्वे को स्कोडा ऑटो इंडिया ने कमीशन किया और एनआईक्यू बेसेस ने पूरा किया। भारत में 92 प्रतिशत ग्राहक क्रैश के लिए टेस्ट की गई और सेफ्टी रेटिंग की कार चाहते हैं। 47.6 प्रतिशत भारतीय कार में अन्य विशेषताओं से ज्यादा महत्व सुरक्षा को देते हैं। कार खरीदने के निर्णय में क्रैश-रेटिंग प्राथमिकताओं की सूची में सबसे ऊपर है। कार खरीदने के निर्णय में फ्यूल एफिशियंसी तीसरे स्थान पर है। 91 प्रतिशत का मानना है कि सुरक्षा विशेषताओं के आधार पर कारों को प्रोत्साहन देना काफी प्रभावशाली होगा। बच्चों/पीछे की सीट पर बैठे लोगों के लिए पृथक सुरक्षा रेटिंग को लेकर केवल 30 प्रतिशत ग्राहक जागरुक हैं। कार खरीदने के लिए सबसे पसंदीदा क्रैश रेटिंग 5-स्टार क्रैश रेटिंग है।
Image