प्रदेश सरकार के तुगलकी फरमान से टूटी किसानों की कमर।


 
उज्जैन आज पूरा देश कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौर से गुजर रहा है। महामारी से पहले भी किसानों की आमदनी कम ही थी, किंतु लॉक डाउन कर्फ्यू के कारण किसानों की आमदनी काफी प्रभावित हुई है । फसल को खेत से लेकर मंडी तक लाने में किसानों पर मुसीबत का पहाड़ टूटा है ।इसमें छोटे ,मझोले और बड़े हर किसानकि तकरीबन एक ही समस्या है ।
किसानों को लॉक डाउन कर्फ्यू में अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।इसको लेकर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विजय पटेल चिंतामन जवासिया ने चर्चा के दौरान बताया कि वैश्विक महामारी के दौर में आमजन ही  परेशान नही हैं बल्कि किसानों को सबसे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि संकट इस घड़ी में किसान को दो लड़ाई लड़ना पढ़ रही  है ।वह बाहर जाकर माल नहीं बैच सकता है,वहीं किसानों का जितना माल है वह सोसायटी पर  तुलेगा ।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फरमान जिसमें यह कहा गया कि किसानों का जितना भी माल सोसायटी में तुलेगा इसमें से किसानों का बकाया ऋण काटा जाएगा ।जबकि पूर्व में केसीसी पर ब्याज नहीं लेने की बात कही गई थी ।
विडंबना यह है कि महामारी के इस दौर में सरकार को जहां किसानों की स्थिति सुधारने व किसानों की आमदनी बढ़ाने की जरूरत है।