मनीष वाधवा ने सोनी सब के शो "हीरो: गायब मोड ऑन" के बारे में बात करते हुए कहा, "एक भूमिका में विविधता होना एक कलाकार के रूप में काफी संतोषजनक है”



1. सोनी सब के साथ जुड़कर कैसा महसूस हो रहा है?

सोनी सब के साथ जुड़कर बहुत ख़ुशी महसूस हो रही है। इस चैनल से जुड़ने का मतलब है हर उम्र के लोगों जैसे बच्चों, किशोरों और वयस्कों के साथ जुड़ना और इस चीज़ ने हमेशा मुझे अपनी तरफ आकर्षित किया है। इसलिए मैं सोनी सब के साथ काम करने के लिए बहुत ही उत्सुक था।


2. हीरो: गायब मोड ऑन को स्वीकार करने की क्या वजह थी?

मेरे किरदार अमल और दंश के साथ-साथ इस शो का आइडिया और कहानी एक बड़ी वजह थी जिसकी वजह से मैंने ये भूमिका स्वीकार की क्योंकि मैं थोड़ा चूज़ी हूं। चूंकि शो में मेरा किरदार एक ही समय पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों भूमिकाएं निभा रहे हैं, इसलिए एक ही भूमिका में अलग-अलग विविधता लाना एक कलाकार के रूप में काफी संतोषजनक है। कहानी की शुरुआत में, मुझे ये बताया गया था कि मेरे नाम का खुलासा किए बिना ही  मेरी सिर्फ आंखें ही दिखाई देंगी जिसकी वजह से मैं इस भूमिका को लेकर थोड़ा घबराया हुआ था। जबकि हीरो का पिता, अमल नंदा एक शांत व्यक्ति है लेकिन दंश पूरी तरह से एक निर्दयी विलन है। आंखों के साथ खेलना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण था। इसके साथ ही मुझसे ये भी कहा गया कि खुद को दंश में बदलने के लिए प्रोस्थेटिक के साथ 2 से ढाई घंटे लगेंगे। जिस चीज़ के लिए मैं सबसे ज़्यादा शुक्रगुज़ार हूं वो हैं दर्शक जिन्होंने इन किरदारों को समझा और इसे स्वीकारा, मैं इसके लिए वाकई उनका आभारी हूं।


3. हमें अपने किरदार दंश और अमल नंदा के बारे में कुछ बताइए।

मैं ऐसी भूमिकाएं निभा रहा हूं जो पूरी तरह से एक-दूसरे से अलग हैं। जबकि अमल नंदा प्यार से बात करने वाला, भावुक और एक केयरिंग व्यक्ति है, तो वही वही दंश एक असुर है जिसे एलियंस ने बहुत ही सटीकता और देखभाल के साथ बनाया है। उसे सबसे ज़्यादा शक्तिशाली योद्धा बनने के लिए बनाया गया है। शुक्र गृह पर रहने वाले जो भी सदस्य हैं वो उससे भयभीत होते और डरते हैं क्योंकि वह शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी बहुत ज़्यादा शक्तिशाली और मजबूत है। जब-जब मैं अपना किरदार बदलता हूं तो उसके साथ मुझे अपनी आवाज़ में भी बदलाव लाना पड़ता है जोकि मेरे किरदार का एक रोमांचक पहलू है।


4. आपके विस्तारित लुक और सेट को लेकर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी?

शानदार। जब मैं पहली बार सेट पर पहुंचा तो मुझे खुद की आंखों पर यकीन नहीं हुआ, वह बहुत वास्तविक था और मुझे पता था कि दर्शकों के लिए भी यह बिलकुल नया होने वाला है। इसे वास्तविक बनाने के लिए क्रू के सदस्यों ने जो कड़ी मेहनत की है उसके लिए वह सलामी के पात्र है क्योंकि मुझे लगता है भारतीय टेलीविज़न में ऐसा कुछ पहली बार हुआ है। मेकअप, बैकग्राउंड स्कोर से लेकर हर चीज़ बहुत बड़ी है और हर कोई जो सेट पर मौजूद होता है अक्सर वो वहीं खड़ा रहता है और शूटिंग देखता है जिसे देखकर मुझे ये एहसास होता है कि अगर ये लोग इस चीज़ को देखकर बोर नहीं हो रहे हैं, इसका मतलब है कि हम कुछ बहुत अच्छा कर रहे हैं और दर्शक इसका आनंद ज़रूर लेंगे।


5. इस शो के लिए डबल रोल करने का आपका अनुभव कैसा रहा?


ऐसा लगता है जैसे मुझे जो डबल भूमिका निभाने के लिए दी गई है वो दोनों ही मेरे एक-दूसरे किरदार से बिलकुल अलग है। लेकिन मूल रूप से मैं एक ही व्यक्ति की भूमिका निभा रहा हूं जिसके दो अलग-अलग व्यक्तित्व और पहचान है। अब तक का मेरा अनुभव बहुत ही शानदार रहा है और इस शो और मेरे काम ने मुझे बहुत खुशी दी है। इसके एपिसोड्स एक चरण से दूसरे चरण के बदलाव के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आगामी एपिसोड्स में दंश की और उसके अमल में बदलने की अलग-अलग विशेषताओं का खुलासा होगा जोकि अक्सर देखा गया है।


6. आगामी एपिसोड्स में प्रशंसक आपके किरदार से क्या उम्मीद कर सकते हैं?


मैं इस बात का आश्वा सन देता हूं कि हमारे दर्शक अमल नंदा और वीर के मिलन के साक्षी बनने के लिए अपनी सांसों को थाम लें। आगामी एपिसोड्स दंश के असली नेचर और अमल नंदा का रूप धारण करके उस रहस्यमयी अंगूठी को पाने के लिए उसके मास्टर प्लान का खुलासा करेंगे। दंश का किरदार लगातार विकसित हो रहा है और दर्शकों के लिए उसके बारे में हर चीज़ और भी ज़्यादा रोमांचक, मज़ेदार और मनोरंजक होने वाली है। दंश के लिए जो असली चुनौती है वो ये है कि वो एलियन के रूप में वो अपनी असली पहचान को कितनी और कैसे अच्छी तरह से छुपा पता है और वीर के पिता अमल की भूमिका में खुद को ढाल पाता है।


7. आपने पिछले जितने भी किरदार निभाए हैं यह उन सभी किरदारों से कैसे अलग है?

ये बहुत ही अलग है क्योंकि इससे पहले मैंने कभी भी एलियन की भूमिका नहीं निभाई है। मैंने असुर की भूमिका निभाई है लेकिन एलियन जैसी भूमिका मैं पहली बार निभा रहा हूं, एक ऐसा कॉन्सेमप्ट जो हमें सिर्फ हॉलीवुड में ही देखने को मिलता है।


8. शो के सभी कलाकारों और तकनीशियन दल के सदस्योंल के साथ शूटिंग करने का आपका अनुभव कैसा रहा है?


इस टीम के साथ काम करने का अनुभव बहुत शानदार रहा है, जब भी हम बैठते और बाते करते हैं, हम सब हर किरदार की सरहाना करते हैं, चाहे वो वीर, ज़ारा, मीठी और स्वीटी या फिर मामा जी हो। हम सबका रिश्ताड है और सेट पर कभी भी कोई सुस्ती भरा पल नहीं होता। हम सब जो कर रहे हैं उसे बहुत ही एन्जॉय करते हैं और इस शो में वह सब हमारी परफॉरमेंस में दिखता है मुझे लगता है और मुझे ये यकीन है कि जब तक हम इस शो को अपना बेस्ट देंगे हमारे दर्शक इसी तरह लगातार हमें अपना प्यार और सपोर्ट देते रहेंगे।


9. अपने प्रशंसकों/दर्शकों को कोई मैसेज देना चाहेंगे? 

इस शो को प्यार देने और इसकी सरहाना करने के लिए मैं वाकई दिल से उनको धन्यवाद देना चाहता हूं। इस शो के लिए शूटिंग करना और अंतिम परिणाम पर काम करना और इसे वास्तविक बनाना आसान काम नहीं है। हमारे निर्देशक मान सर और तुषार जी, पूरी क्रिएटिव टीम, चैनल सोनी सब के साथ पूरी टीम बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं। इस महामारी के बीच, हर कोई घबराया हुआ था क्योंकि दर्शकों को टीवी से हटकर, फिल्मों और वेब सीरीज़ पर शिफ्ट होना पड़ा था, इसलिए हमारे लिए एक ऐसा शो लाना जो दर्शकों को बोर न करे और लगातार उनका मनोरंजन करे, ये पहले से ही एक बहुत बड़ी चुनौती लेकर आया था। इस तरह के चुनौतीपूर्ण समय के बीच में, हमारे शो ने दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया। हीरो: गायब मोड ऑन दर्शकों को एक बिलकुल अलग ही दुनिया में ले जाता है। मैं सिर्फ अपने दर्शकों का धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने हमें इतना प्यार और सहयोग दिया और मैं उम्मीद करता हूं कि वो इसी तरह से हमारी हिम्मत बढ़ाते रहें।


मनीष वाधवा को अमल नंदा और दंश के रूप में देखिए सिर्फ सोनी सब के शो ‘हीरो: गायब मोड ऑन’ में, हर सोमवार से शुक्रवार रात 8 बजे

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