14 जून शेमारू टीवी पर लगेगा मनोरंजन का मेला, जब हर कहानी में होगा नया खेला



एक साल से दर्शकों का मनोरंजन करते हुए शेमारू टीवी ने उनके दिलों में एक ख़ास जगह बना ली है. लॉकडाउन से शुरू हुए इस मधुर संबंध को और मज़बूत बनाने के लिए शेमारू टीवी ने हमेशा अपने दर्शकों की पसंद और उनकी भावनाओं को प्राथमिकता दी है. आज भी उनकी भावनाओं को समझते हुए इस सोमवार यानी 14 जून शेमारू टीवी लेकर आ रहे हैं मनोरंजन का महा सोमवार,; जहां सभी शोज़ की कहानियां ले रही हैं एक नया और दिलचस्प मोड़. महा सोमवार का मक़सद मनोरंजन से कहीं ऊपर, आपको अपने परिवार के साथ कुछ ख़ुशियों भरे पल देने की हमारी एक छोटी-सी कोशिश है. कोरोना की मार झेल रहे देश में धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं, लॉकडाउन ख़त्म हो रहा है, जो यक़ीनन हम सबके लिए ख़ुशी और उल्लास का वक़्त है, ऐसे में अपने परिवार के साथ अपने फेवरेट शोज़ और एक्टर्स को देखने से ज़्यादा मज़ेदार भला क्या हो सकता है.


शेमारू टीवी पर फ़िलहाल 11 टॉप शोज़ चल रहे हैं, जिनमें से ये 5-6 शोज़ ऐसे हैं, जो दर्शकों को टीवी से जोड़े रखते हैं. इन्हीं में से टॉप 4 शोज़ जिनकी कहानियों में आनेवाला है ज़बर्दस्त मोड़, उनके बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं. 


सुहानी सी एक लड़की

 शेमारू टीवी के प्राइम टाइम की शुरुआत होती है शाम 6 बजे एक ख़ूबसूरत-सी लव स्टोरी सुहानी सी एक लड़की; के साथ. 14 जून से देखिए कैसे एक बार फिर बिरला परिवार में हो गई है सुहानी की एंट्री. दरअसल, अपने पति युवराज के साथ बिगड़े रिश्ते के कारण अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए सुहानी बिरला परिवार छोड़कर चली जाती है, लेकिन जैसे ही उसे अपने परिवार की मुसीबतों के बारे में पता चलता है, तो वो उल्टे पांव बिरला परिवार में वापस लौट आती है. परिवार की मदद करने के बावजूद वो अभी भी दादी के आंखों की किरकिरी बनी हुई है और दादी उसे नीचा दिखाने और घर से निकालने के लिए बिछाए जा रही हैं जाल पर जाल. बाहरी ख़ूबसूरती की हैं दादी दीवानी, अब भला ऐसे में ख़ुद को कैसे संभालेगी सुहानी?


सिया के राम

सुहानी के बाद शेमारू टीवी पर समय है रात 7 बजे और एक बेहतरीन आध्यात्मिक शो ;सिया के राम; का. एक आदर्श पुत्री, बहन, पत्नी, बहू और मां सीता जी के नज़रिए से दिखाए गए रामायण की महागाथा को लेकर दर्शकों में ख़ासा उत्साह देखने को मिल रहा है. इस शो के चाहनेवालों के बारे में इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर इसके लाखों फैंस ऐक्टिव हैं. ;सिया के राम; में 14 जून को सीताजी को यह ज्ञात हो जाता है कि राजा जनक और देवी सुनैना उनके जन्मदाता नहीं, बल्कि पालक हैं. इस जानकारी के बाद अचानक उनके मन में तरह-तरह के प्रश्न घूमने लगते हैं. अपनी बहनों के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी वो सशंकित होने लगती हैं. उन्हें यह डर सताने लगता है कि अगर उनकी बहनों को पता चला कि वो उनकी सगी बहन नहीं, बल्कि गोद ली हुई हैं, तो कहीं उनका व्यव्हार उनकी तरफ़ बदल न जाए. क्या उनकी बहनें सीताजी को पूर्ववत स्वीकारेंगी या परिस्थितियां लेंगी कोई नया मोड़?


कलश एक विश्वास

सिया के बाद रात 8 बजे शेमारू टीवी पर छलकता है ;कलश एक विश्वास; का. देविका और रवि के अनोखे विश्वास को दर्शाती कहानी में भी परिस्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि देविका और रवि का हो गया है विवाह, पर देविका को नहीं है रवि पर बिल्कुल भी विश्वास. हालांकि अपनी सच्चाई और ईमानदारी से रवि धीरे-धीरे जीतने लगता है देविका का विश्वास, पर किस रास्ते जा रही है इनकी कहानी और किस रास्ते पर है इनका विश्वास?


एक बूंद इश्क़

देविका के बाद शेमारू टीवी पर रात 9 बजे होती है तारा की एंट्री. दो प्रेमियों के सच्चे प्यार और समर्पण की कहानी “एक बूंद इश्क़”में आया है एक अनोखा मोड़. कलावती के साथ होनेवाली मुठभेड़ के दौरान ही तारा और मृत्युंजय हो जाते हैं एक एक्सीडेंट के शिकार. कहानी में नज़र आती है 5 साल की लंबी छलांग. एक्सीडेंट के 5 साल बाद तारा और मृत्युंजय की ज़िंदगिया पूरी तरह बदल गई हैं. जहां एक ओर तारा एक ऐसे घर में एक ऐसे पति के साथ है, जिसे वो न जानती है और न ही पहचानती, वहीं दूसरी ओर मृत्युंजय बन गया है अब बल्ली नाम का ठग. आख़िर 5 साल पहले ऐसा क्या हुआ कि जुदा हो गए तारा और मृत्युंजय और इतनी बदल गई उनकी दुनिया?


मनोरंजन के अलावा शेमारू टीवी समय समय पर अपने दर्शकों के लिए कॉन्टेस्ट भी चलाते रहते हैं. आज तक बहुत से लोगों के सपने साकार करनेवाले शेमारू टीवी की विश्वसनीयता दर्शकों में बरक़रार है और इसे और बढ़ाने के लिए देखते रहिए शेमारू टीवी- बदलते आज के लिए.