दिल्ली-मुंबई के लिए नया रास्ता मिलेगा, साढ़े तीन घंटे में उज्जैन से काेटा पहुंच सकेंगे

इसी साल उज्जैन से जुड़े दाे फाेरलेन के निर्माण शुरू हो जाएंगे। इससे उज्जैन की कनेक्टिविटी दिल्ली, राजस्थान व मुंबई से हाे जाएगी। एनएचए (नेशनल हाईवे अथाॅरिटी) इन्हें बनाने जा रहा है। पहला फाेरलेन देवास  के शिप्रा गांव से शुरू होकर बांगर, उज्जैन, बड़नगर, बदनावर तक 98 किमी लंबा होगा। दूसरा फोरलेन उज्जैन से गराेठ तक 136 किमी लंबा बनेगा। सबसे बड़ा फायदा उज्जैन से काेटा जाने वालों को होगा। वे उज्जैन से गराेठ हाेते हुए 235 किमी की दूरी तय करके साढ़े तीन घंटे में काेटा पहुंच जाएंगे। अभी उज्जैन से काेटा जाने के लिए 270 किमी का सफर करना पड़ता है, क्याेंकि उज्जैन से अागर-सुसनेर-झालावाड़ हाेते हुए काेटा पहुंचते हैं। इसमें छह घंटे लग जाते हैं। सांसद अनिल फिराेजिया ने कहा- इससे उज्जैन का विकास तेज होगा।



फाेरलेन: उज्जैन से गराेठ


ये फाेरलेन उज्जैन में आरडी-गार्डी मेडिकल के पीछे से शुरू हाेकर घटि्टया से 8 किमी दूर, घाैंसला से 10 किमी होते हुए 112 नए गांवाें से गराेठ पहुंचेगा।



कॉरिडोर से जुड़ेंगे : साढ़े तीन घंटे में काेटा पहुंचा जा सकेगा, क्याेंकि उज्जैन से गराेठ तक 136 किमी के बाद ये मार्ग दिल्ली-मुंबई काॅरिडाेर से जुड़ जाएगा।


ये फायदे  


 उज्जैन की कनेक्टिविटी राजस्थान, मुंबई व दिल्ली से हाे जाएगी।  


 उज्जैन से आगर, सुसनेर व झालावाड़ हाेते हुए काेटा पहुंचने के मार्ग में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।


फाेरलेन: शिप्रा-देवास-उज्जैन-बड़नगर-बदनावर


इसके लिए उज्जैन जिले के 20 गांव और अन्य जिलों के 41 गांवाें की जमीन अधिगृहीत की हैं। यह फाेरलेन दाे चरणाें में बनेगा। पहले चरण में 98 में से उज्जैन से देवास हाेते हुए शिप्रा तक 42 किमी बनाया जाएगा। ये देवास के नागूखेड़ी से शुरू हाेगा। उज्जैन में चंदेसरी से टच हाेगा। देवास में बांगर के यहां से ये शिप्रा में जुड़ेगा।