अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाहीके समेकित परिणामों की घोषणा की


वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाहीकाईबीआईटीडीए 17%वर्ष-दर-वर्ष बढ़कर 1,827 करोड़ रुपये हुआ

वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाहीका घाटा 59% वर्ष-दर-वर्ष कम होकर (-) 289 करोड़ रुपये पर पहुंचा


प्रमुख विशेषताएं 

कुल समेकित राजस्व वित्त वर्ष 20 की तीसरी तिमाही के 6,685 करोड़ रुपये के मुकाबले 6% की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही में 7,099 करोड़ रुपये रहा।

कुल समेकित ईबीआईटीडीए वित्त वर्ष 20 की तीसरी तिमाही के 1,557 करोड़ रुपये के मुकाबले 17% की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही में 1,827 करोड़ रुपये रहा।

कुल समग्र घाटा वित्त वर्ष 20 की तीसरी तिमाही के (-)703 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही में (-) 289करोड़ रुपये रहा।

कुल समेकित राजस्व वित्त वर्ष 20 के नौ महीने के 21,514 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 21 के नौ महीने में 21,248 करोड़ रुपये रहा।

समेकित ईबीआईटीडीए वित्त वर्ष 20 के नौ महीने के 6,700 करोड़ रुपये के मुकाबले 26% की वृद्धि करते हुए वित्त वर्ष 21 के नौ महीने में 8,454 करोड़ रुपये रहा।

वित्त वर्ष 20 के नौ महीने के कुल समग्र घाटे (-) 966 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 21 के नौ महीने में कुल समग्र आय 1,221 करोड़ रुपये रही।


   

अहमदाबाद, 4 फरवरी, 2021: अदाणी ग्रुप के एक हिस्से, अदाणी पावर लिमिटेड ["एपीएल"], ने आज 31 दिसम्बर, 2020 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीने के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।


वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही के दौरान प्रदर्शन1


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1वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के दौरान परिचालन प्रदर्शन में रायपुर एनर्जेन लिमिटेड [”आरईएल] के 1,370 मेगावाट पावर प्लांट का प्रदर्शन शामिल था, जिसे 2 अगस्त 2019 को अधिग्रहण किया गया था, जबकि रायगढ़ एनर्जी जनरेशन लिमिटेड ["आरईजीएल"], जिसे 20 जुलाई, 2019 को अधिग्रहण किया गया था, के 600 मेगावाट पावर प्लांट का प्रदर्शन इसमें शामिल नहीं था क्योंकि यह रैम्प अप चरण में था। प्रासंगिक अवधि के लिए समेकित वित्तीय प्रदर्शन में आरईएल और आरईजीएल दोनों शामिल हैं।


वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही के दौरान, एपीएल ने अपनी सहायक कंपनियों के पवर प्लांट्स के साथ, 75% का एक औसत प्लांट लोड फैक्टर ["पीएलएफ"], और 19.1 बिलियन यूनिट्स ["बीयू"] का कुल सेल्स वॉल्यूम हासिल किया। इसकी तुलना में, वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के दौरान, एपीएल और उसकी सहायक कंपनियों ने 65% की औसत पीएलएफ, और 16.4 बीयू की सेल्स वॉल्यूम हासिल की थी। पीएलएफ में हुआ सुधार दीर्घकालिक पीपीए और अल्पावधि पीपीए दोनों में, और मर्चेंट मार्केट में बिजली की अधिक मांग के कारण था। वित्त वर्ष 2020-21 की की तीसरी तिमाही में सेल्स वॉल्यूम में आईजीएल का 1 बीयू शामिल है।


वित्त वर्ष 20 की तीसरी तिमाही के 6,685 करोड़ रुपये के मुकाबले, कुल समेकित राजस्व 6% की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही में 7,099 करोड़ रुपये रहा।वित्तीय वर्ष 2020-21की तीसरी तिमाही के परिचालन राजस्व में पहले के वर्षों से संबंधित राजस्व मान्यता शामिल है, जो विभिन्न नियामक आदेशों के आधार पर25 करोड़ रुपये है। इसकी तुलना में, वित्त वर्ष 2019-20की तीसरी तिमाही के परिचालन राजस्व में पूर्व अवधि की 18 करोड़ रुपये की मदें शामिल थीं।


आयातित और ई-ऑक्शन वाले कोयले की कम लैडेड लागत के साथ ही उच्च वॉल्यूम के कारण, 2019-20 की तीसरी तिमाही के 1,557 करोड़ रुपये के मुकाबले, वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाहीका ईबीआईटीडीए 17% बढ़कर 1,827 करोड़ रुपये रहा।


टैक्स और असाधारण मदों से पहले का घाटा, वित्तीय वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के (-) 649 करोड़ के मुकाबले, वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में (-) 206 करोड़ रुपये था।टैक्स के बाद कुल समग्र घाटा, वित्तीय वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के (-) 703 करोड़ के मुकाबले, वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में (-) 289 करोड़ रुपये था। 


वित्त वर्ष 2020-21के नौ महीने के दौरान प्रदर्शन


31 दिसंबर, 2020 को समाप्त हुए नौ महीनों के दौरान, एपीएल और इसकी सहायक कंपनियों के पॉवर प्लांट ने 59% की औसत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) प्राप्त किया और इस अवधि के लिए कुल सेल्स वॉल्यूम 44.4 बीयू था। इसकी तुलना में, एपीएल और उसकी सहायक कंपनियों ने 31 दिसंबर, 2019 को समाप्त नौ महीनों में 67%का पीएलएफ और 47.5 बीयू का सेल्स वॉल्यूम हासिल किया। वित्त वर्ष 2020-21 के पहले नौ महीनों के लिए प्रदर्शन पर मांग में पहली तिमाही में हुई तेज गिरावट का असर रहा। पहला क्वार्टर, जो कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए लगाये गये सख्त राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण था।

वित्त वर्ष 2020-21 के पहले नौ महीनों के लिए समेकित कुल आय 21,248 करोड़ रुपये रही, जो लगभग पिछले वर्ष के 21,514 करोड़ रुपये के समान थी। मुख्य रूप से विभिन्न नियामक आदेशों के कारण, वित्त वर्ष 2020-21 की नौ महीने की अवधि के आंकड़ों में 2,625 करोड़ रुपये के पूर्व-अवधि का परिचालन राजस्वऔर 777 करोड़ रुपये की अन्य आय की मान्यता शामिल है, जो पिछले वर्ष के नौ महीने की अवधि के दौरान क्रमश: 1,077 करोड़ रुपये और 780 करोड़ रुपये रहे।  


परिचालन के उच्च स्तर और साथ ही उच्च पूर्व अवधि आय मान्यता के कारण, समेकित ईबीआईटीडीए वित्त वर्ष 20 के नौ महीने के 6,700 करोड़ रुपये के मुकाबले 26% की वृद्धि करते हुए वित्त वर्ष 21 के नौ महीने में 8,454 करोड़ रुपये रहा।


टैक्स के पहले लाभ,वित्त वर्ष 2019-20 के नौ महीने के (-) 612करोड़ रुपये के मुकाबले, वित्त वर्ष 2020-21 के नौ महीने में2,055करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2019-20 के नौ महीने के कुल समग्र घाटे (-) 966 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 2020-21 के नौ महीने में कुल समग्र आय 1,221 करोड़ रुपये रही।


कंपनी के तिमाही परिणामों के बारे में, अदाणी ग्रुप के चेयरमैनश्री गौतम अदाणीने कहा कि “भारत ने अपनी जनता और अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभाव का मुकाबला करके और उसे सीमित दायरे में रख कर अपनी अदम्य भावना प्रदर्शित की है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में प्रतिबद्ध कंपनियों के लिए आकर्षक अवसर पेश करते हुए, राष्ट्र अपने लोगों की अर्थव्यवस्था और समृद्धि के लिए उच्च विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। ऊर्जा हमारे युवा नागरिकों के सपनों को पूरा करने में  महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, और पावर के लिए मांग सस्टेनेबिलिटी और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कल्पनाशील समाधानों की जरूरत पैदा करेगी। अदाणीग्रुप एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के सतत विकास करने, और देश की आर्थिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बनने के लिए प्रतिबद्ध है।”

अदाणी पावर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अनिल सरदाना ने कहा कि ''बिजली के लिए भारत की माँग भारत के विकास पथ को बहाल करती है, इसलिए अदाणी पावर, अपने आधुनिक और सक्षम पोर्टफोलियो के साथ भरोसेमंद, लागत-प्रभावी और सक्षम बेस लोड सप्लाई की आवश्यकता को पूरा करने के लिए तैयार है। निर्धारित समय में हमारे मजबूत विकास कार्यक्रमों की प्रगति को देखते हुए, हम अपनी परिचालन परिसंपत्तियों के अधिकतम मूल्य का एहसास करने के लिए, सभी मापदंडों पर अपनी परिचालन क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करते हैं। अदाणी ग्रुप के एनर्जी मिक्स पोर्टफोलियो और रणनीतिक साझेदारी के साथ अपने गहन परिचालन अनुभव का लाभ उठाते हुए, हम अपने दृष्टिकोण और दीर्घकालिक विकास रणनीतियों को साकार करने के लिए मूल्यवान अवसरों का इस्तेमाल करना करना जारी रखेंगे।”





अदानी पावर के बारे में

अदाणी पावर (एपीएल), विविधताओं वाले अदाणी ग्रुप का एक हिस्सा है, जो भारत में सबसे बड़ा निजी थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी के पास गुजरात के 40 मेगावाट सोलर एनर्जी प्लांट के अलावा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में छह पावर प्लांट्स की 12,410 मेगावाट की थर्मल पावर क्षमता है। बिजली के हर क्षेत्र के विशेषज्ञों की विश्व स्तरीय टीम की मदद से, अदाणी  पावर अपने विकास की संभावनाओं को हासिल करने के लिए तैयार है। कंपनी भारत को पावर-सरप्लस राष्ट्र में बदलने और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली प्रदान करने के लिए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का उपयोग कर रही है।