हर रात, खेल की रात! ‘वागले की दुनिया’ के कलाकार शूटिंग के बाद खेल और मस्ती में डूब जाते हैं




सोनी सब का शो ‘वागले की दुनिया’ अपनी सरल लेकिन प्रासंगिक कथानक से लोगों का दिल जीत रहा है। यह कहानी परिवारों के बीच खूबसूरत बंधन को सामने लेकर आयी है। 


यह शो जिन्दोगी की उन छोटी-छोटी खुशियों को दिखाता है, जो एक परिवार की वजह से हमारे जीवन में आ सकती हैं। छोटे पर्दे की प्या री जोड़ी सुमित राघवन (राजेश वागले) और परिवा प्रणति (वंदना वागले) भारत के सबसे चहेते परिवारों में से एक, वागले परिवार का अहम हिस्सा  हैं और यह दोनों अपने परिवार की खुशहाली के पीछे छुपे राज बता रहे हैं।


वंदना वागले की भूमिका निभा रहीं परिवा प्रणति कहती हैं, ‘’पैक-अप के बाद हम सभी मिलकर हाउसी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस का मजेदार गेम खेलते हैं और कभी-कभी पूल गेम का भी मजा लेते हैं। हम कभी-कभार सुमित के कमरे में कई सारे म्युाजिकल सेशंस भी चलाते हैं, क्योंूकि उनके पास हारमोनियम है और हमें मिलकर गाने में मजा आता है। इन गेम नाइट्स ने सचमुच हमारे रिश्तें को मजबूत किया है। आगामी एपिसोड्स में वागले परिवार छोटे पर्दे पर ‘अगर’ नाम का एक मजेदार खेल खेलता दिखाई देगा। मुझे यकीन है कि दर्शकों को यह देखने में उतना ही मजा आएगा, जितना हमें इसकी शूटिंग में आया।‘’


राजेश वागले की भूमिका निभा रहे सुमित राघवन ने कहा, ‘’सोशल डिस्टें सिंग का ध्यायन रखते हुए और सभी नियमों का पालन करते हुए, पैक-अप के बाद हम हाउसी जैसे मजेदार खेलों और दूसरी एक्टिविटीज में लग जाते हैं। हमारे पास बहुत अच्छीा सुविधाएं हैं और क्रिकेट खेलने के लिये एक मैदान भी है। हम पूरा मजा लेते हैं, खेल को गंभीरता से खेलने की बजाय हम मस्तीह के लिये चिल्ला ते और शोर मचाते हैं। मेरे पास यहां मेरा हारमोनियम है तो कभी-कभी हम मजेदार म्यु जिक सेशंस और कराओके सेशंस चलाते हैं। सबसे महत्वहपूर्ण बात यह है कि एक-दूसरे के साथ ज्या दा से ज्याशदा समय बिताने से हमारा रिश्ताच मजबूत हुआ है। हम एक-दूसरे का आदर करते हैं, हमें एक-दूसरे का साथ पसंद है और यह पर्दे पर भी दिखता है। हम कुछ न कुछ करते रहते हैं और किसी भी काम से ऊबते नहीं हैं।‘’


सखी वागले की भूमिका निभा रहीं चिन्मकयी साल्वीं ने कहा, ‘’खेलों से लोग जुड़ते हैं और यह बात हमारी फैमिली पर बिलकुल फिट बैठती है, क्योंीकि मेरे साथ-साथ पूरा कास्टं और क्रू सेट पर बैडमिंटन, टेबल टेनिस और अन्यक खेलों में शामिल हो जाता है। इससे हमें शारीरिक रूप से फिट होने में मदद मिली है और हमें एक-दूसरे के साथ ज्या दा समय बिताने और मस्तीस करने का मौका भी मिला है। इससे तनाव सचमुच खत्मए हो जाता है। मुझे बैडमिंटन बहुत पसंद है, इसलिये लीड में रहने पर मुझे मजा आता है, जबकि मेरे ऑन-स्क्रीहन भाई शीहान कपाही को टेबल टेनिस के खेल में जीतना अच्छाय लगता है। हम दोनों शाम को साइकलिंग का भी लुत्फन लेते हैं। कई शामों को तो हम खेलने में इतने डूब जाते हैं कि डिनर पर बुलाये जाने को भी अनसुना कर देते हैं और खेलते रहते हैं।‘’



ज्याेदा जानने के लिये देखते रहिये  ‘वागले की दुनिया- नई पीढ़ी नये किस्से ’, सोमवार से शुक्रवार 

रात 9 बजे, केवल सोनी सब पर