तालिबान ने कब्ज़ा तो कर लिया है, मगर मुश्किल है हूकूमत करना अफ़ग़ान सांसद अब्दुल ज़ज़ई



15 अगस्त की रात जब अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान ने चढ़ाई कर दी थी, उसी रात दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के विमान से गनी सरकार के कुछ सांसद, सलाहकार और प्रांतों के गवर्नर सुरक्षित दिल्ली पहुंचे. उन्हीं में से एक थे सांसद अब्दुल ज़ज़ई. न्यूज़18 इंडिया से ख़ास बातचीत में उन्होने कहा की तालिबान बार-बार लोगों से आग्रह कर रहा है की वो देश छोड़ के ना जायें.


“वो बार-बार वहाँ बोल रहे हैं के देश मत छोड़ो, यहाँ आपकी ज़रूरत है. तालिबान को डॉक्टर्स, इंजिनीयर्स, टीचर्स, पढ़े-लिखे लोगों की ज़रूरत है. उन्होने क़ब्ज़ा तो कर लिया है लेकिन हुकूमत करना इतना आसान नही है. उन्हे पढ़े-लिखे लोगों की ज़रूरत है.”


ज़ज़ई ने आगे बताया की अमेरिकी और ब्रिटिश फौज 31 अगस्त तक अफ़ग़ानिस्तान से निकल जाने के बाद भी अफ़गानी लोगों का जाना जारी रहेगा. उनके अनुसार “विदेशी फौज के जाने के बाद, अफ़गानी लोगों को निकालने की ज़िम्मेदारी तुर्की संभालेगा


“ अफ़ग़ानिस्तान के अंतिम प्रांत पंजशीर में भी तालिबान दाखिल हो चुका है. ज़ज़ई की मुताबिक तालिबान ने पंजशीर में तालिबान के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले अहमद मसूद को एक कमीशन में शामिल होने के लिए प्रस्ताव भेजा था. प्रस्ताव था तालिबान सरकार द्वारा एक कमीशन जो सरकार चलाने में मदद करे लेकिन मसूद ने वो प्रस्ताव ठुकरा दिया  है.

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