अदाणी ने भारत के सबसे बड़े इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों में से एक लाइन को पूरा किया 897 सर्किट किलोमीटर की लंबी दूरी की ट्रांसमिशन लाइन में उत्तर प्रदेश में 765केवी और 400केवी शामिल हैं इसके साथ, एटीएल की परिचालन और निर्माणाधीन संपत्ति 18,300 सर्किट किमी से अधिक हुई


 


सार-संक्षेप


यह सबसे बड़ी इंट्रा-स्टेट, टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) परियोजनाओं में से एक है

इसमें उत्तर प्रदेश में 400केवी डी/सी ट्विन मूस लाइन का 98 सर्किट किमी और 765केवी एस/सी क्वाड बर्सिमिस उच्च क्षमता वाली लाइन का 799 सर्किट किमी शामिल है।

एटीएल की एक सहायक कंपनी, घाटमपुर ट्रांसमिशन लिमिटेड (जीटीएल)ने ऋणदाताओं के एक कॉन्सॉर्टियम, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पीएफसी) और आरईसी लिमिटेड से परियोजना के लिए ऋण सुविधा हासिल की।

एटीएल 2022 तक 20,000 सर्किट किलोमीटर के अपने लक्ष्य के करीब पहुंच गया

 

अहमदाबाद, 16दिसम्बर 2021: भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की बिजली ट्रांसमिशन एवं रिटेल डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी और डायवर्सिफाईड अदाणीग्रुप के एक हिस्से, अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल), ने 897 सर्किट किलोमीटर की भारत की सबसे लंबी इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों में से एक लाइन का निर्माण पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में एटीएल की सहायक कंपनी घाटमपुर ट्रांसमिशन लिमिटेड (जीटीएल) द्वारा हासिल की गई है।


ट्रांसमिशन लाइन में आगरा, ग्रेटर नोएडा और हापुड़ में 765केवी और 400केवी बे एक्सटेंशनों के 4 एनओएस शामिल हैं। इस परियोजना को पीपीपी मोड के तहत बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड मेंटेन (बूम) के आधार पर विकसित किया गया है। यह 35 साल आगे के रनवे के साथ लॉन्ग टर्म ट्रांसमिशन कस्टमर्स (एलटीटीसी) को ट्रांसमिशन सेवाएं प्रदान करेगा।


श्री अनिल सरदाना, एमडी एवं सीईओ, अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड ने कहा कि “अदाणी ट्रांसमिशन लगातार भारतीय ग्रिड नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कंपनी के रूप में विकास कर रहा है। कोविड महामारी के दौरान भी इस बड़े प्रोजेक्ट का पूरा होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह एटीएल की राष्ट्र निर्माण और अपने हितधारकों के लिए दीर्घकालिक सस्टेनेबल वैल्यू का निर्माण करने में विश्व स्तरीय लीडर बनने की प्रतिबद्धता को साबित करता है। यह परियोजना विश्वसनीयता, परिचालन दक्षता और उत्तर प्रदेश के बिजली प्रणाली नेटवर्क की मजबूती में सुधार करेगी और विशेष रूप से कानपुर, आगरा, ग्रेटर नोएडा और हापुड़ के क्षेत्रों को लाभान्वित करेगी। यह केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त पहल 'सभी के लिए 24x7 बिजली' की दिशा में भी लिए गए संकल्प को मजबूती प्रदान करेगी।"


इस परियोजना को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने भारत के उत्तरी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था योजना पर अपनी 36वीं स्थायी समिति की बैठक के दौरान अनुमोदित किया था। इस परियोजना के चालू होने से क्षेत्र के लोगों की सामाजिक स्थिति और कल्याण में उल्लेखनीय सुधार होगा।


यह परियोजना नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के संयुक्त उद्यम) के स्वामित्व वाले 3x660 मेगावाट घाटमपुर टीपीएस से बिजली का उत्पादन करेगी और उत्तर प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। इसमें 411 किमी की 765केवी एस/सी घाटमपुर-हापुड़ ट्रांसमिशन लाइन शामिल है, जो देश की सबसे लंबी एचवीएसी ट्रांसमिशन लाइनों में से एक है। यह घाटमपुर टीपीएस (सेंट्रल यूपी) को 765/400केवी हापुड़ सबस्टेशन (वेस्टर्न यूपी) से जोड़ेगी।


ट्रांसमिशन लाइन राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की गंभीर चुनौती वाले शहरी क्षेत्रों से होते हुए, अत्यधिक लहरदार उबड़-खाबड़ टोपोग्राफी से गुजरती है। जीटीएल द्वारा पार की गई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक चुनौती, कोविड महामारी के कारण उत्पन्न अनिश्चितता थी जिसने कार्यबल की तैनाती को कठिन बना दिया। परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए, जीटीएल ने विश्व स्तरीय गुणवत्ता मानकों, प्रभावी परियोजना प्रबंधन का प्रदर्शन किया और सभी सुरक्षा और कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया।


एक बार चालू होने के बाद, उत्तर प्रदेश के घाटमपुर थर्मल जेनरेशन पावर प्लांट और नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन से हर साल 14,000 मिलियन यूनिट (एमयू) ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है, जो उत्तर प्रदेश की भविष्य की बिजली की आवश्यकता को पूरा करेगी। अदाणी ट्रांसमिशन इस थर्मल पावर प्लांट से राज्य के कई हिस्सों में उत्तर प्रदेश में परिचालित पांच डिस्कॉम के जरिये बिजली की निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इससे लाखों घरों, कृषि उद्देयों, उद्योगों, व्यवसायों को लाभ होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।