Parched India/ India’s water crisis # Groundwater - making the invisible visible



Kahlil Gibran, a Lebanese-American writer, poet and a philosopher used to say that a life without love is like a tree without blossoms or fruit but can you imagine a life without water that constitutes 70 per cent of our body.  With due respect to Kahlil, one can still live without love but humanity will be wiped out without water. 

Water crisis is snowballing into a global threat.  It could create a dystopian future where countries could be at war over water.  The U.S, China, Russia, Africa and elsewhere in Asia are facing increasing water scarcity due to population, industrialization, and urbanization. This has led to over-exploitation of groundwater and surface water. As per the United Nations, two thirds of the world will live in water-stressed countries by 2025. Food supply will also be at risk as agriculture will need a lot of water. To support the achievement of sustainable water management, UN has marked 22nd March as the ‘the World Water Day’.

India is facing its “worst water crisis” in history. We already know that as of now, over 75% of households in India do not have clean drinking water. In fact, 40% of the population will have no access to drinking water by 2030. Many taps are running dry in India. India's sixth-largest city, Chennai, hit the news recently for being the first major city in the world to run out of water. Other cities such as Bangalore, Delhi and Hyderabad have probably exhausted their groundwater resources in 2021. 


Water crisis is everyone’s responsibility and can be managed if all stakeholders pitch in. Our Prime Minister Narendra Modi had announced a plan to provide piped potable water to every rural household by 2024.


India is one of the leading mining countries of the world. Some of the processes in the mining sector do need water and in a few cases the pumped water that is allowed to drain into the river without any usage need to be conserved. Rainwater harvesting could be an excellent method to exalt the groundwater resources


The state government in Goa is introducing several water harvesting schemes to tap additional water. In one such case they have also sought permission to use abandoned mining pits in rainwater harvesting.


Rajasthan is another such example that presents its existence on ancient mining, The State government had suggested dredging and sediment removal from traditional tanks and ponds that could potentially be used to prepare the substratum over the mine wastes for direct seeding, which was done to enhance water shortage for wildlife and people. This innovative strategy helped in the revival of traditional water harvesting systems and enhanced biomass production, providing a solution to the recurring drought faced in Rajasthan.  


Even in MP, the government has rolled out Atal Bhujal Yojana, with a total outlay of Rs 6,000 crore from 2020 – 2025, which aims at groundwater management in 78 districts of the seven states, including the Bundelkhand region which faces severe water shortage.


Companies in the private sector are also considering sustainable practices in a world that is increasingly vulnerable to climate change. Cipla is one such company that is steering an extensive sustainable compliance drive. As part of their water neutrality initiatives, the brand recycles water at their site, which is up at 40% from 36% in FY20, and they have adopted rainwater harvesting within and outside their sites. Understanding its importance, similar efforts are being realised and pursued by brands across the country.  The upcoming Bunder Diamond Project in Buxwaha is planning to do just this.  The Project’s plan is to fulfil their water requirement by tapping the surface runoff rain water from seasonal Nallah by creating a rain water harvesting structure, which otherwise drains into the main channels. All endeavors to optimize the water in mineral processing by recirculation and reuse, adopting dry disposal of tailing ensuring recovery of 80-85% process water. Thus the total water requirement will be optimized and reduced to a much lower value compared to its peak water requirement. The water harvesting structure will also recharge the ground water. The project is also planning to work on Zero discharge concept (no liquid effluent will be discharged to ground or surface water courses, inside or outside lease area) thus no impact on the

Water quality is envisaged.


Looking at the current situation, we need to find a permanent solution for the crisis that is looming over our heads. All the stakeholders including start-ups are coming up with thoughtful and innovative solutions to achieve the Sustainable Development Goals that goes beyond drinking water, sanitation and hygiene to also address the quality and sustainability of water resources, which are critical to the survival of people and the planet. Who knows, with all its might in intellect and innovation, India could provide solutions to quench the thirst of the world.

Popular posts
हम फिल्म को यथासंभव वास्तविक रखना चाहते थे": नवोदित निर्देशक सुदर्शन गामारे*
Image
अपना दल (एस) मध्य प्रदेश कार्यकारिणी का गठन, विभिन्न पदों पर सौंपी जिम्मेदारियां अनुभवी, युवा व महिला सदस्यों पर जोर स्वदेशी कू समेत सभी सोशल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रियता डिजिटल टूल्स द्वारा नए सदस्यों को जोड़ने की कवायद
Image
न्यूज 24 (बीएजी नेटवर्क) ने पॉडकास्ट 24- आवाज सबकी किया लॉन्च
Image
भारत का सबसे बड़ा कार डीलरशिप नेटवर्क, ग्रुप लैंडमार्क अब पंजाब पहुंचा o ग्रुप लैंडमार्क ने राज्य में दो नए लैंडमार्क शोरूम लॉन्च करते हुए पंजाब में अपनी मौजूदगी बढ़ाई। o जीप मेरिडियन में 2.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन लगा हुआ है। o इस इवेंट में लोकप्रिय गायक जस्सी गिल के साथ ग्रुप लैंडमार्क की एम.डी गरिमा मिश्रा और सी.एम.ओ रेणुका डुडेजा ने भागीदारी की। लुधियाना, 21 मई, 2022: भारत में सबसे बड़े कार डीलरशिप नेटवर्क का परिचालन करने वाले, ग्रुप लैंडमार्क, ने पंजाब में दो नए लैंडमार्क शोरूम लॉन्च करने की घोषणा की। इन दो नए जीप लैंडमार्क शोरूम में से पहला लुधियाना में, और दूसरा जालंधर में स्थित है। कंपनी ने नई जीप मेरिडियन एसयूवी के साथ नए बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज की है, जिसे हाल ही में 29.9 लाख रुपये से लेकर 36.95 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की प्रारंभिक मूल्य सीमा के साथ लॉन्च किया गया था। इस मेड-इन-इंडिया और मेड-फॉर-इंडिया थ्री-रो जीप एसयूवी को लुधियाना के लैंडमार्क जीप शोरूम में एक इवेंट में प्रदर्शित किया गया, जिसमें लोकप्रिय गायक जस्सी गिल तथा ग्रुप लैंडमार्क की एम.डी गरिमा मिश्रा और सी.एम.ओ रेणुका डुडेजा ने भाग लिया। पंजाब में दो नए लैंडमार्क शोरूम के लॉन्च के मौके पर, ग्रुप लैंडमार्क के चेयरमैन और संस्थापक, संजय ठक्कर ने कहा कि "1998 से, ग्रुप लैंडमार्क ने अपना ध्यान देश में कार खरीदारों को एक नया अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित किया है, जिसकी वजह से कंपनी इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनी के रूप में विकसित हुई है, और इस उपलब्धि को हासिल करने में देश भर में बेहतरीन कार डीलरशिप के विशाल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस विकास यात्रा को जारी रखते हुए, पंजाब हमारे लिए साफ तौर पर एक पसंदीदा जगह थी, क्योंकि क्षेत्र के निवासियों की बढ़ती संपन्नता के कारण, यह राज्य क्षमताओं से भरा हुआ है। जीप मेरिडियन पहले से ही जोखिम उठाने की अपनी साहसिक विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है और अब यह वाहन राज्य में ग्रुप लैंडमार्क की मौजूदगी की घोषणा करने के लिए एक आदर्श वाहन के रूप में मौजूद रहा।” पंजाब के ऑटोमोटिव बाजार में ग्रुप लैंडमार्क का प्रवेश ग्रुप लैंडमार्क के दो जीप डीलरशिप के लॉन्च के साथ शुरू हो गया है: एक जालंधर में और दूसरा लुधियाना में। जालंधर शोरूम, जीटी रोड पर स्थित है, जो कुल 12,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैला हुआ है, और लुधियाना शोरूम कुल 8,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैला हुआ है। जीप मेरिडियन अपने साथ उत्साह और विशेषज्ञता का एक अनूठा मिश्रण लेकर आया है, जिसमें एडवान्स्ड आर्किटेक्चर, शानदार डिजाइन, शक्तिशाली तकनीकी खूबियों और पूरे सेगमेंट में अग्रणी रूप से मौजूद कई विशेषताएं हैं। इसके अलावा, इसमें फ़्रीक्वेंसी सेलेक्टिव डैम्पिंग (एफएसडी) तकनीक के साथ पूरी तरह से स्वतंत्र फ्रंट एवं रियर सस्पेंशन सेटअप, सबसे अच्छा कूलिंग परफॉरमेंस आदि शामिल हैं। जीप मेरिडियन 2.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन द्वारा परिचालित है जो 3,750 आरपीएम पर 125 किलोवाट (170 एचपी) जेनेरेट करता है और 1,750-2,500 आरपीएम के बीच 350 एनएम का अधिकतम टॉर्क उपलब्ध है। दोनों उपलब्ध ट्रिम्स, यानी लिमिटेड और लिमिटेड (O), 4x2 फ्रंट-व्हील ड्राइव और छह-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और नौ-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के विकल्प के साथ उपलब्ध हैं। लिमिटेड (O) ट्रिम में 4x4 ऑल-व्हील ड्राइव के साथ नौ-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी उपलब्ध है। ग्रुप लैंडमार्क के बारे में ग्रुप लैंडमार्क भारत में सबसे बड़े प्रीमियम और लक्जरी ऑटोमोटिव रिटेल व्यवसायों में से एक है, जिसमें मर्सिडीज-बेंज, वोक्सवैगन, होंडा, जीप, रेनॉल्ट और बीवाईडी जैसे शीर्ष स्तरीय ब्रांड की डीलरशिप उपलब्ध है। ग्राहकों को शुरू से अंत तक अद्वितीय खरीदारी अनुभव प्रदान करने के लिए, कंपनी सामान्य ऑटोमोटिव डीलरशिप के दायरे से आगे है, क्योंकि ऑटोमोटिव रिटेल वैल्यू चेन में ग्रुप लैंडमार्क की मजबूत उपस्थिति है। इसके अलावा, इसमें नए वाहनों की बिक्री के अलावा कई सारी सेवाएं शामिल हैं, जैसे पूर्व-स्वामित्व वाले यात्री वाहनों की आफ्टर-सेल्स सर्विस और थर्ड पार्टी फाइनेंशियल और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स। ग्रुप लैंडमार्क ने 1998 में अपनी पहली डीलरशिप शुरू की, और तब से, आठ राज्यों में 115 आउटलेट्स को शामिल करके अपने नेटवर्क का विस्तार किया है। ग्रुप लैंडमार्क के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें: www.grouplandmark.in
Image
साक्षी तंवर हमारे देश की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं’’ अनिल कपूर, अनुष्‍का शर्मा ने नेटफ्लिक्‍स इंडिया के ‘माई’ पर की तारीफों की बौछार
Image