बोरिस जॉनसन ने जेसीबी के नये कारखाने का शुभारंभ किया; कंपनी लगातार वृद्धि की ओर अग्रसर है

 



जमशेदपुर - प्रधानमंत्री बोरिस ने आज भारत में जेसीबी के सबसे नये कारखाने का आधिकारिक शुभारंभ किया और कंपनी ने दुनिया भर में अपनी विनिर्माण उपस्थिति को मजबूत किया

जेसीबी के यूके में 11 कारखाने हैं, जहाँ 7500 से ज्‍यादा लोग काम करते हैं। कंपनी ने भारत में विनिर्माण की शुरूआत वर्ष 1979 में की थी और अब वह देश में निर्माण उपकरणों की अग्रणी उत्‍पादक है।

आज श्री जॉनसन ने भारत में जेसीबी के सबसे नये कारखाने का दौरा किया, जो गुजरात में 100 मिलियन यूरो के निवेश से बना संयंत्र है और यह वैश्विक उत्‍पादन श्रृंखलाओं के लिये पार्ट्स को फैब्रिकेट करेगा। नया कारखाना भारत के पश्चिमी तट पर स्थित तटीय शहर सूरत के पास वडोदरा में है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ जेसीबी के चेयरमैन लॉर्ड बामफोर्ड भी थे, जिन्‍होंने 1970 के दशक के उत्‍तरार्द्ध में भारत में जेसीबी के विस्‍तार का नेतृत्‍व किया था। इसमें दिल्‍ली के पास वल्‍लभगढ़ में कंपनी के पहले कारखाने का शुभारंभ शामिल है। आज जयपुर और पुणे समेत विभिन्‍न जगहों पर भारत में जेसीबी के छह कारखाने हैं।

लॉर्ड बामफोर्ड ने कहा: “पूर्ण उत्‍पादन के अपने पहले वर्ष में, जेसीबी इंडिया ने केवल 39 मशीनें बनाई थीं और अगले साल मशीनों की संख्‍या आधा मिलियन हो जाएगी। यह देश अब इंजीनियरिंग के मामले में एक बड़ी ताकत है और यहाँ आने से हमारा बिजनेस ही बदल गया। हमें शानदार सफलता मिली है और वृद्धि के लिये अब भी बड़ी संभावना है। यह प्रगति केवल लगातार निवेश से संभव हुई है और गुजरात में हमारी नई सुविधा का शुभारंभ भारत और पूरी दुनिया में हमारे व्‍यवसाय की वृद्धि की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है।”

जेसीबी इंडिया के सीईओ और एमडी दीपक शेट्टी ने कहा: “यह नई सुविधा पूरी होने के बाद प्रत्‍यक्ष तौर पर लगभग 1200 नौकरियाँ देगी और आपूर्ति श्रृंखला में भी हजारों नौकरियां दी जाएंगी। यह लैंगिक विविधता के मामले में भी उद्योग का मानदंड बनेगी और लेजर कटिंग, वेल्डिंग तथा मशीनिंग में आधुनिक तकनीकों को अपनाएगी। तटों के साथ निकटता के कारण वडोदरा जेसीबी के लिये एक रणनीतिक जगह है, जहाँ कच्‍चे माल और कुशल प्रतिभा की उपलब्‍धता भी है। हम इस परियोजना के लिये अभूतपूर्व सहयोग देने पर गुजरात सरकार को धन्‍यवाद देते हैं।”

भारत 2007 से हर साल जेसीबी के लिये सबसे बड़ा बाजार रहा है और आज भारत में बिकने वाली हर दो कंस्‍ट्रक्‍शन मशीनों में से एक जेसीबी द्वारा बनी होती है। यह नई सुविधा 47 एकड़ के क्षेत्र में फैली हुई है और वार्षिक आधार पर 85,000 टन स्‍टील के प्रसंस्‍करण में सक्षम होगी।

नया संयंत्र लैंगिक विविधता वाली विनिर्माण सुविधा होगा, जहाँ 50% कर्मचारी महिलाएं होंगी। जेसीबी इंडिया ने इस संयंत्र में स्किल सेंटर (कौशल केंद्र) भी स्‍थापित किये हैं, जहाँ युवा पेशेवरों को विनिर्माण की विभिन्‍न भूमिकाओं में काम करने के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा।

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