आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया उत्सव में दिखा महिला दिवस का रंग। इंटरनेशनल हुमन बोर्ड झाबुआ महिलाओं को बताएं उनके अधिकार।

उज्जैन
भगोरिया पर्व में दिखा अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष का रंग।
इंटरनेशनल हूमन बोर्ड झाबुआ की भूमिका रही अहम।
उज्जैन आदिवासी लोक संस्कृति का प्रमुख पर्व भगोरिया उत्सव में आदिवासी संस्कृति के रंग जहां चरम पर नजर आए वही महिला दिवस का रंग भी दिखाई दिया ।यह पर्व जीवन और प्रेम प्रसंग, हंसी ठिठोली का उत्सव है ।जो संगीत व नृत्य के साथ मनाया जाता है।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में  मनाए जाने वाले इस भगोरिया पर्व में महिला दिवस की झलक भी देखने को मिली ।
 इंटरनेशनल हुमन बोर्ड झाबुआ के कार्यकर्ता के अनुसार आदिवासी महिलाओं में बहुत सी महिलाओं को यह भी पता नहीं है कि उनका क्या अधिकार है ,या कोई ऐसा दिन भी है, जिससे बड़े पैमाने पर विश्व स्तर पर महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है इसके लिए बोर्ड ने पंप्लेट छपवा कर महिलाओं में जागृति लाने का प्रयास किया है। जिसमें बताया गया कि केंद्र व राज्य सरकार के अलावा कई संगठन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और उनके अधिकारों के लिए कार्य कर रहे हैं । इस वर्ष यह पर्व उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया जा रहा है।


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