फावड़ा मारकर हत्या की घटना कारीत करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास व 2000 रूपये अर्थदंड की सजा।


 न्यायालय माननीय एस.के.पी. कुलकर्णी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी संतोष पिता मानसिंह खरोल, उम्र 21 वर्ष, निवासी-कुलाला, थाना भोरासा, जिला-देवास को  धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं धारा 450 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 2,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।  
  
 उप-संचालक (अभियोजन) डॉ साकेत व्यास ने बताया कि अभियोजन घटना संक्षिप्त में इस प्रकार है कि बापू पिता नाथूसिंह और उसका लड़का राकेश जो कि ग्राम खरेचाखेड़ी जिला राजगढ़ के निवासी है। हरियाखेडी में एक ईट भट्टे पर काम करते थे और उसके पास ही एक टापरी बनाकर उसमें रह रहे थे, आरोपी संतोष पास के खेत में ही गेंहूॅ में पानी देने का काम करता था। घटना दिनांक 21.02.2019 को सुबह 04 से 05 बजे के लगभग बापू टापरी के सामने ही शौच करनेे गया था, शौच करने के पश्चात् लौट रहा था कि उसे गाली-गलौच व शोर की आवाज सुनाई दी। वह अपनी टापरी पर पहुॅचा जहां उसने देखा की आरोपी संतोष ने टापरी के टीन के दरवाजे को लात मारकर हटा दिया है और अंदर राकेश को गाली-गलौच कि और फावडे से राकेश के सिर पर मारा जिससे बहुत खून निकलने लगा, फिर आरोपी बापू को यह कहता हुआ गया कि मार दिया साले को और वहां से भाग गया। अंदर जाने पर उसने देखा कि राकेश खून से लथपथ पडा है, उसने राकेश का गमछे से सिर बांधा और पडोस के लोगों को बुलाया और उनके साथ उसे उज्जैन अस्पताल ले गये जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस थाना नागझिरी द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान पश्चात् न्यायालय में पेश किया गया। अभियुक्त द्वारा मृतक राकेश की हत्या इस कारण की थी कि मृतक आरोपी की पत्नी से बात करता था, इसलिए वह मृतक से नाराज था। 


 न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री प्रमोद चौबे, लोक अभियोजक जिला उज्जैन द्वारा की गई।