एण्डटीवी के ऑन-स्क्रीन माता-पिता ने अपनी रील बेटियों के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात की!

 



माता-पिता अपनी बेटी को बेटा बुला सकते हैं लेकिन अपने बेटे को कभी भी बेटी नहीं बुला सकते। एक यही चीज यह बताने के लिए काफी है कि बेटियां कितनी खास होती हैं। एण्डटीवी के कलाकार अपनी ऑन-स्क्रीन बेटियों की प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं। हप्पू की उलटन-पलटन के दरोगा हप्पू सिंह (योगेश त्रिपाठी) और राजेश सिंह (कामना पाठक) ने अपनी खूबसूरत तीन बेटियों आशना किशोर (केट सिंह), जारा वारसी (चमची सिंह) और जहरा सेठजीवाला (मलाइका सिंह) के बारे में बातचीत की। वहीं, ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी‘ के सरला (समता सागर) और राधे (रवि महाशब्दे) ने अपनी चटोरी गुड़िया (सारिका बहरोलिया) के बारे में बताया। योगेश त्रिपाठी (दरोगा हप्पू सिंह) और कामना पाठक (राजेश सिंह) ने कहा, श्आज के समय में लड़किया भले ही अच्छी शिक्षा के लिए नहीं तरसती, लेकिन अपना नाम बनाने के लिए वो भी कड़ी मेहनत करती हैं और समान अवसर चाहती हैं। हमारी हप्पू की उलटन-पलटन में तीन बेटियां  आशना किशोर(केट सिंह), जारा वारसी(चमची सिंह) और जहरा सेठजीवाला(मलाइका सिंह) हैं, जो न सिर्फ प्रतिभाशाली हंै बल्कि अपने काम के प्रति समर्पित भी हैं। हालांकि वो जो किरदार परदे पर निभाती हैं वो शायद ऑन-स्क्रीन देखने में आसान लगता हो, लेकिन विश्वास कीजिए हर मिनट हर चीज का ध्यान उन्हें रखना पड़ता है। स्क्रिप्ट की डिमांड को स्क्रीन पर समझने से लेकर उसे ऑन-स्क्रीन उसी तरह उतारने तक, वो तब तक नहीं रूकती जब तक उसे बिलकुल सही तरह से नहीं करती। हालांकि हम जानते हैं कि उन्होंने जिंदगी में जो भी हासिल किया है उससे उनके माता-पिता को उनपर गर्व होगा, हम भी यहीं कहना चाहेंगे कि हमारी केट, चमची और मलाइका हमारे और इस शो के लिए बहुत खास और प्यारी हैं।श् अपनी भावनाओं को कुछ इसी तरह से व्यक्त करते हुए गुड़िया (सारिका बहरोलिया) के माता-पिता समता सागर (सरला) और रवि महाशब्दे (राधे) ने कहा, श्शुरुआत से ही गुड़िया बहुत अनूठी रही हैं चाहे वो उनके व्यक्तित्व के बारे में या फिर जिंदगी के प्रति उसका नजरिया। उससे सीखने के लिए बहुत कुछ है, जो उसे हर किसी से अलग बनाता है। हम एक माता-पिता के रूप में गुड़िया का आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास करते हैं। इसी तरह, जब भी बच्चे खुद को कम समझे या फिर अपने ऊपर उन्हें विश्वास न हो तो हर माता-पिता को अपने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उनका मनोबल बढ़ाने पर ध्यान क्रेन्द्रित करना चाहिए। हम माता-पिता को बच्चों से ये वादा करना चाहिए कि हम उन्हें सिर्फ सशक्त नहीं बनाएंगे, बल्कि उनकी सरहाना करेंगे उन्हें बढ़ावा देंगे और जिंदगी की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए उन्हें हमेशा प्रेरित करेंगे।श् जहरा सेठजीवाला (मलाइका) ने कहा, श्जब भी किसी को काम के लिए अपना घर छोड़ना पड़ता है, तो सुरक्षा और सावधानी दोनों ही महत्वपूर्ण होती है। आसपास के जिन लोगों पर मुझे भरोसा है, उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस करना बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, मैं अपने परिवार से दूर हूं लेकिन हप्पू की उलटन-पलटन में मेरे सह-कलाकार मेरे परिवार की तरह ही हैं। क्योंकि इस शहर में मैं खुद को सुरक्षित महसूस करती हूं, मैं सभी का सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी और सभी को उनके काम को करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहूंगी।श् हर अवसर का पूरा-पूरा फायदा उठाने वाली सारिका बहरोलिया (गुड़िया) ने कहा, श्हम सभी ने हर लड़की को शिक्षित करते हुए उनके लिए स्वस्थ और सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से प्रभावशाली पहल के बारे में सुना है। लेकिन हम सबमें से कितने लोग इस तरह की चीजों से जुड़े हुए हैं? गुड़िया हमारी सभी पे भारी में हम सभी ने खुद के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाया है और हम सभी व्यक्तिगत तौर पर इसे बढ़ावा देते हैं। हर किसी की आवाज समान रूप से सुनी जानी चाहिए और उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। क्योंकि आखिरकार लड़कियों के बिना कोई भविष्य नहीं है।